विद्या का भंडार तारा

वैसे तो यह सम्पूर्ण जगत परमात्मा की लीला मात्र है।परमात्मा को हम निराकार एवँ साकार दोनों रूपों मे जानते-पहचानते हैं।कहा जाता है कि परमात्मा का कोई रूप और आकार नहीं है, वह आकार एवँ प्रकार से परे है, परंतु यह भी सच है कि वही परमात्मा साकार रूप मे भी लीलाएँ रचाया करता है।दश-महाविद्याओं के अंतर्गत द्वितिय महाविद्या परमात्मा की शक्ति तारा के नाम से जानी जाती है।जिसे नील-सरस्वती के नाम से भी पहचाना जाता Read more…

सब कुछ केवल महामाया की ही माया है

मेरे इस लेख से अगर किसी को किसी भी प्रकार से ठेस पहुँचती है तो मुझे अज्ञानी और अल्पज्ञ समझ कर माफ करें।मै एक तुच्छ प्राणी हूँ बस उस महामाया जगदम्बा भवानी की प्रेरणा पा कर कुछ भाव आपके सामने प्रस्तुत करने की हिम्मत कर रहा हूँ।मेरा मक्सद यहाँ पर किसी भी व्यक्ति, तकनीक इत्यादि को ठेस पहुँचाने का कदापि नहीं है क्योंकि हर एक वस्तु, व्यक्ति इत्यादि उस महामाया का ही रूप है। आजकल Read more…

Increase Psychic Power

Increase Psychic Powers with “HealingsWithGod”

Every person has some inborn qualities. Few people are strongly blessed with one of their psychic power whilst, others need some practices to improve and increase psychic powers. There are many spiritual skills are available those are extremely helpful for this. In this write-up, you will get the most effective ways to improve your psychic powers. Easiest ways to Increase Psychic Powers: Learning about the ways to develop psychic abilities is easier and simpler than Read more…

3 Easy and Simple Ways to Increase Psychic Power

Life is very fast and competition is very high. In this rapid world, you cannot live tension free. Due to stress we missed many opportunities in our life. For this, you have to know about your psychic powers to face the real world. We all have that spark which is known as physic power or ability. By using different and effective ways, we can recognize our psychic abilities very easily. Three best ways to increase Read more…

energy healing

Meditation Can Heal Your Body and Mind

Stressed mind or high workload? Just give yourself few minutes from your busy schedule and feel good. In this busy world, no one bothers to give time to maintain their body and mind well in proper way. People are stressed because of high workloads or may be because of some personal problems. Everyone is running here or there. Our tiredness and stressful behavior leads to the number of problems such as anger, frustration, unhappiness, mixed Read more…

bhairava consciousness

Are you ready to achieve Bhairava Consciousness? Are you free from fears of the death? Are you free from the worries of the future? I am asking these straight questions just to draw your attention towards the hidden aspect of yourself, which is really your true-self in the form of Bhairava.When this Bhairav is awakened you start to live your life to the fullest.At that time you are in total bliss and the saying ‘I Read more…

A call for Introspection

This is a call to all of the esteemed learners of the basic course of ‘Healing with God’. Just think of the time before you came into this learning. Most of us had a feeling that we are lost in a world full of pain and sufferings, as though we will never be able to come out of this experience, and that we are the puppets at the hands of the karmas. We held on Read more…

Vivah kee neev prem

विवाह की नींव प्रेम हर वैवाहिक स्त्री पुरुष सुखी व आनंदमय जीवन जीने की कल्पना व कामना करते हैं, वह इसे पाने के लिए भरपूर प्रयास भी करते हैं पर देखा गया है की अथक कोशिशो के बाद भी ऐसा कर पाने में वे असफल रहते है| सुखी वैवाहिक जीवन की नीव स्त्री और पुरुष रूपी जोड़े पर टिकी होती है, निम्नलिखित कथा में भी अमन और राशि उसी जोड़े को इंगित कर रहे हैं Read more…

guru

सर्वोपरि गुरु अर्थ:-शिष्य कहता है की यदि गुरु और ईश्वर एक स्थान पर खड़े हों तो वह गुरु के चरणों को पहले स्पर्श करेगा क्योंकि गुरु ने ही ईश्वर की प्राप्ति करवाई है| हर गुरु यही चाहता है की उसका शिष्य केवल शिष्य ना बना रहे बल्कि वह गुरु बन जाये.कहते हैं की पारस तो लोहे को सोना बनाता है पर गुरु उससे भी ऊंचा होता है क्योंकि वो शिष्य को स्वयं समान यानी अपने Read more…

chamtkari man

सदियों से ऋषि,मुनि,वेद-शास्त्र मन के बारे में चर्चा करते आ रहे हैं| मानव मन अत्यंत शक्तिशाली है इसके द्वारा केवल शरीर ही नहीं बल्कि ब्रह्माण्ड भी संचालित होता है| मन के द्वारा ही मनुष्य जीवन पूरी तरह संचालित होता है| सभी कार्यों को मन ही सिद्ध करता है| शास्त्रों के अनुसार “एक ही साधे सब सधे” यानी एक मन को ही साध लिया जाए तो सारे कार्य स्वयं ही सिद्ध हो जाते हैं|लेकिन मन को Read more…