हीलिंग्स विध गॉड कोर्स में आपका स्वागत है!आगे जाने से पहले क्या मैं आपसे यह प्रश्न कर सकता हूँ कि हम इतने सारे रीती-रिवाज़ों का पालन करते हैं,हम अपने धर्म का अनुसरण करते हैं,हम वे सभी कर्म करते हैं जिन्हें अच्छा या शुभ समझा जाता है पर फिर भी अभी तक क्यों हम ईश्वर को खोज रहे हैं? क्या आपने कभी अपने आप से यह प्रश्न किया है? इसका उत्तर यह भी हो सकता है कि हमारे मन को संस्कारों,समाज,प्रथाओं,के द्वारा अंकित किया गया है की ईश्वर से मिलना बहुत कठिन है,ईश्वर से जुड़े रहने के लिए हमें हर तरह से पवित्र रहना होगा,पर मैं आपसे यहाँ प्रश्न करता हूँ कि क्या ईश्वर इतना घमंडी और बेवक़ूफ़ है कि उसने पाप से और अपवित्रता से भरी मानवता बनाई?इसका उत्तर एक बहुत बड़ी “ना” है क्योंकि ईश्वर ने हमको अपनी चाहत और प्रतिबिम्ब के रूप में निर्मित किया है,यहाँ पर एक अच्छी खबर ये है कि ईश्वर जितनी आसानी से उपलब्ध है उतनी आसानी से इस पूरी सृष्टि में कोई भी चीज उपलब्ध नहीं है,यह सब हम कोर्स के माध्यम से पता लगाएंगे एवं एहसास करेंगे

यहाँ हीलिंग्स विध गॉड कोर्स में हम ईश्वर के बारे में बहुत सारे खोए हुए तथ्यों के बारे में जानेंगे जो केवल तब जाना जाता है जब मन बिना शर्तों वाला हो,यह पूरा कोर्स ईश्वर से जुड़े विचारों एवं सिद्धांतों पर ही केंद्रित है,यह पूरा कार्य ब्रह्मविद्या को सरल रीति से प्रस्तुत करने के कारण सम्भव हो पाया है

कोर्स कि अवधि:-2 दिन
योग्यता:-ईश्वर से जुडी अपनी पूर्व सोचों से बहार आने में स्वतंत्र हो
भाषा:-हिंदी एवं अंग्रेजी

कोर्स की विषय वास्तु:-

१.ईश्वर एवं उसका सृष्टि को निर्माण करने का कारण
२.कैसे सब कुछ ईश्वर है एवं कैसे शब्द,विचार और भावनाएं ही निर्देश हैं
३.शब्द एवं विचारों के पीछे छिपे ईश्वर का ज्ञान
४.कैसे आप जिस चीज पर भी ध्यान करते हैं उसके जैसे ही होने लगते हैं
५.शरीर,मन एवं आत्मा का ज्ञान
६.मानसिक शक्तियों/सिद्धियों का ज्ञान
७.ईश्वर या प्रेम से एकाकार होने कि विधि का ज्ञान
८.ईश्वर या प्रेम को पुकारने या बुलाने कि विधि का ज्ञान
९.ईश्वर अथवा प्रेम को देखने कि विधि का ज्ञान
१०.शरीर को प्रेम भेजने कि विधि का ज्ञान
११.चक्र एवं कुण्डलिनी का ज्ञान
१२.कुण्डलिनी को जागृत करने कि विधि का ज्ञान
१३.माया एवं सत्य को जानने कि विधि
१४.माया को कैसे पहचानें एवं उससे बहार कैसे आएं
१५.अपने मन से इच्छित वस्तुएं कैसे पैदा करवायें
१६.ईश्वर के पास गए अपने प्यारों से कैसे संपर्क करें
१७.ईश्वर को कैसे संचारित करें
१८.व्यक्ति,जगह,वस्तु,इत्यादि से जुड़े खतरनाक प्रभावों को निकाल कर उसे अपने लिए अच्छा कैसे बनाएं

यह पूरा कोर्स ऐसे अध्यात्मिक ज्ञान से परिपूर्ण है जो कहीं पर नहीं पाया जाता क्योंकि ये सारे रहस्य गुरु अपने शिष्यों को केवल मौखिक रूप से प्रदान करते हैं,ब्रह्मविद्या या पराविद्या के गुरुओं ने इन रहस्यों को कभी भी इतने सरल तरीके से व्यक्त नहीं किया है जिस प्रकार इस कोर्स में किया गया है,यह कोर्स इस तरह तैयार किया गया है कि यह हर उम्र वर्ग को,हर समुदाय,लिंग,संस्कृति,धर्म,इत्यादि के लोगों के लिए सरल हो जाए,जो लोग वाकई में अध्यात्मिक ऊचाइयों को चूना चाहते हैं अगर वे अपने मन को ईश्वर के बारे में जुडी पहले कि सभी शर्तों एवं मान्यताओं से बाहर करके इस कोर्स को सीखेंगे तो वे उन्हें जरूर प्राप्त करेंगे

1 Comment

Burton Haynes · April 10, 2014 at 4:49 am

I just want to mention I am just new to blogging and actually savored you’re blog site. Probably I’m likely to bookmark your blog post . You absolutely have impressive articles and reviews. Thanks for sharing with us your web site.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *