guru

सर्वोपरि गुरु

guru

अर्थ:-शिष्य कहता है की यदि गुरु और ईश्वर एक स्थान पर खड़े हों तो वह गुरु के चरणों को पहले स्पर्श
करेगा क्योंकि गुरु ने ही ईश्वर की प्राप्ति करवाई है|

हर गुरु यही चाहता है की उसका शिष्य केवल शिष्य ना बना रहे बल्कि वह गुरु बन जाये.कहते हैं की पारस तो लोहे को सोना बनाता है पर गुरु उससे भी ऊंचा होता है क्योंकि वो शिष्य को स्वयं समान यानी अपने सामान ही बना देता है|इसलिए गुरुओं की महत्ता सर्वोपरि है|ईश्वर को पाने के लिए गुरु का ज्ञान अत्यधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि गुरुजन ईश्वर को प्राप्त करने की विधियाँ बताते हैं|गुरुओं के आदर सम्मान के लिए व्यक्ति उनकी पूजा इत्यादि किया करता है ताकि वे प्रसन्न हो जाएं और उनके जीवन में उन्नति प्रदान करने के साथ साथ ईश्वर की कृपा भी प्राप्त करवा दें|परन्तु क्या कभी आपने यह जानने की कोशिश की है की गुरु वास्तव में आपसे क्या चाहते हैं?

गुरु वास्तव में यही चाहते हैं की

1.उनका शिष्य आध्यत्मिक ऊंचाइयां प्राप्त करे|

2.स्वयं की पहचान करे की वह कौन है|

3.ईश्वर को प्राप्त करे|

4.अपने जीवन की सभी कठिनाइयों को दूर करके स्वस्थ और सुखी जीवन का आनंद प्राप्त करे|

परन्तु आज ऐसा देखा जा रहा है की व्यक्ति गुरु के बताये हुए उपदेशों को अक्षरशः पालन नहीं कर पा रहा है|जिसके विभिन्न कारण हैं जैसे समय का अभाव, आधुनिकता की चकाचौंध में व्यस्तता, आध्यात्मिक ज्ञान सहज ही उपलब्ध ना हो पाना, ईश्वर प्राप्ति के लिए कठोर नियमो-विधानों का पालन करना,इत्यादि

यदा-कदा ऐसा देखने में भी आया है,कई बार अच्छे गुरु की तलाश में व्यक्ति धोखा भी खा जाता है| इसलिए एक श्रेष्ठ गुरु का मिल पाना भी किसी कोहिनूर हीरे को पाने से कम नहीं है|इसलिए अच्छे गुरु की तलाश में व्यक्ति निरंतर प्रयासरत  रहता  है ताकि  वह  अपने  जीवन को संवार सके|ऐसे में अगर गुरु का वास्तविक ज्ञान जो यह सिखा दे और अनुभूति करा दे की वास्तव में हम कौन हैं और हम कैसे अपने जीवन की विभिन्न परेशानियों को दूर कर सकें तो यह वास्तव में उन गुरुओं की कृपा ही होगी|यहाँ पर हर्ष का विषय यह है की यह गुरु रूपी चमत्कारिक ज्ञान हीलिंग्स विध गॉड के रूप में सहज ही उपलब्ध है, जरूरत है तो सिर्फ इसे सीखने की और इसे अपने जीवन में उपयोग करने की|अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें|

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