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विद्या का भंडार तारा

वैसे तो यह सम्पूर्ण जगत परमात्मा की लीला मात्र है।परमात्मा को हम निराकार एवँ साकार दोनों रूपों मे जानते-पहचानते हैं।कहा जाता है कि परमात्मा का कोई रूप और आकार नहीं है, वह आकार एवँ प्रकार Read more…

सब कुछ केवल महामाया की ही माया है

मेरे इस लेख से अगर किसी को किसी भी प्रकार से ठेस पहुँचती है तो मुझे अज्ञानी और अल्पज्ञ समझ कर माफ करें।मै एक तुच्छ प्राणी हूँ बस उस महामाया जगदम्बा भवानी की प्रेरणा पा Read more…