विद्या का भंडार तारा

वैसे तो यह सम्पूर्ण जगत परमात्मा की लीला मात्र है।परमात्मा को हम निराकार एवँ साकार दोनों रूपों मे जानते-पहचानते हैं।कहा जाता है कि परमात्मा का कोई रूप और आकार नहीं है, वह आकार एवँ प्रकार से परे है, परंतु यह Read more…

सब कुछ केवल महामाया की ही माया है

मेरे इस लेख से अगर किसी को किसी भी प्रकार से ठेस पहुँचती है तो मुझे अज्ञानी और अल्पज्ञ समझ कर माफ करें।मै एक तुच्छ प्राणी हूँ बस उस महामाया जगदम्बा भवानी की प्रेरणा पा कर कुछ भाव आपके सामने Read more…

Vivah kee neev prem

विवाह की नींव प्रेम हर वैवाहिक स्त्री पुरुष सुखी व आनंदमय जीवन जीने की कल्पना व कामना करते हैं, वह इसे पाने के लिए भरपूर प्रयास भी करते हैं पर देखा गया है की अथक कोशिशो के बाद भी ऐसा Read more…

guru

सर्वोपरि गुरु अर्थ:-शिष्य कहता है की यदि गुरु और ईश्वर एक स्थान पर खड़े हों तो वह गुरु के चरणों को पहले स्पर्श करेगा क्योंकि गुरु ने ही ईश्वर की प्राप्ति करवाई है| हर गुरु यही चाहता है की उसका Read more…

chamtkari man

सदियों से ऋषि,मुनि,वेद-शास्त्र मन के बारे में चर्चा करते आ रहे हैं| मानव मन अत्यंत शक्तिशाली है इसके द्वारा केवल शरीर ही नहीं बल्कि ब्रह्माण्ड भी संचालित होता है| मन के द्वारा ही मनुष्य जीवन पूरी तरह संचालित होता है| Read more…